भूमिका:
"प्रेग्नेंट करो लाखों कमाओ" - यह एक विचित्र नारा है जो बिहार के नवादा जिले में एक घोटाले का पर्दाफाश करता है। इस योजना के तहत, पुरुषों को महिलाओं को गर्भवती करने के लिए पैसे दिए जाते थे, और फिर जन्मे बच्चों को बेच दिया जाता था। यह कहानी न केवल मानवता के लिए अपमानजनक है, बल्कि यह कानून का भी उल्लंघन है।
घोटाले का खुलासा:
यह घोटाला तब सामने आया जब नवादा पुलिस को एक गुमशुदा लड़की की शिकायत मिली। पुलिस ने जांच शुरू की और एक गिरोह का भंडाफोड़ किया जो महिलाओं को गर्भवती करने और बच्चों को बेचने के लिए काम करता था। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह का तरीका:
गिरोह महिलाओं को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। महिलाओं को गर्भवती होने के बाद उन्हें 5-13 लाख रुपये दिए जाते थे। बच्चे के जन्म के बाद, उसे बेच दिया जाता था। पुलिस का अनुमान है कि गिरोह ने इस योजना के तहत 50 से अधिक बच्चों को बेचा है।
इस घोटाले के परिणाम:
इस घोटाले ने न केवल पीड़ित महिलाओं और बच्चों को प्रभावित किया है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक चिंता का विषय है। यह घोटाला मानव तस्करी और बाल बेचने की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
सरकार की प्रतिक्रिया:
बिहार सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सरकार ने पीड़ित महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने का भी वादा किया है।
निष्कर्ष:
"प्रेग्नेंट करो लाखों कमाओ" घोटाला एक मानवीय त्रासदी है। यह घोटाला मानव तस्करी और बाल बेचने की गंभीर समस्या को उजागर करता है। सरकार को इस घोटाले की गहन जांच करनी चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए।
अतिरिक्त जानकारी:
- इस घोटाले के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित लिंक देख सकते हैं:
यह लेख निम्नलिखित स्रोतों से जानकारी का उपयोग करके लिखा गया था:
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