एक फोटो दो मस्टरोल कैसे? Msr No. : 23390 और Msr No. : 23388!
क्या आपने कभी सुना है कि बिना फावड़ा उठाए, बिना मिट्टी में पैर रखे, सिर्फ फोटो खिंचवाकर मनरेगा मजदूरी का पैसा मिल सकता है? अगर नहीं, तो बलथर पंचायत, सोनो प्रखंड जमुई जिला में चल रहे मनरेगा के इस "फर्जीवाड़े के महायज्ञ" को देखकर आप हैरान रह जाएंगे!
फोटो अपलोड, पैसा डाउनलोड!
मनरेगा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए NMMS ऐप के जरिए मजदूरों की लाइव फोटो अपलोड करने का नियम बनाया गया था, लेकिन यहां तो इस नियम को ही "फोटो खिंची, काम नहीं!" वाली पॉलिसी में बदल दिया गया है। मजदूरों की उपस्थिति फर्जी नामों और फोटोशॉप्ड तस्वीरों के जरिए अपलोड की जा रही है, और प्रशासन कानों में तेल डालकर बैठा है।
बलथर पंचायत सोने प्रखंड में फिर खुला भ्रष्टाचार का पिटारा!
हाल ही में बलथर पंचायत में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने का एक और मामला सामने आया है। सवाल यह उठता है कि –
- क्या सिस्टम अंधे हो गए हैं, या फिर मिलीभगत का खेल चल रहा है?
- क्यों कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि रोज़गार सेवक और प्रोग्राम अधिकारी खुलेआम यह खेल खेल रहे हैं?
- क्या जिला प्रशासन को अब भी इस स्कैम की भनक नहीं लगी, या फिर सबकुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
मैंने उठाई आवाज़, पर जवाब देने वाला कोई नहीं!
मैंने इस घोटाले पर एक ब्लॉग लिखा और इसे विभिन्न सरकारी विभागों, लोकपाल, जिलाधिकारी और मनरेगा अधिकारियों तक ईमेल के जरिए भेजा। पर क्या हुआ? कुछ नहीं! सबने बस चुप्पी साध ली। ऐसा लग रहा है कि जैसे सभी अफसर या तो विदेश यात्रा पर निकल चुके हैं, या इस मुद्दे से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं!
ये रहे वो अधिकारी, जिनसे कार्रवाई की उम्मीद थी:
📌 लोकपाल ग्रामीण विकास विभाग
📌 लोकपाल OSD
📌 लोकपाल चेयरपर्सन
📌 जिलाधिकारी, जमुई
📌 डीडीसी, जमुई
📌 सचिव, ग्रामीण विकास विभाग बिहार
📌 मुख्यमंत्री सचिवालय, बिहार
📌 सर्किल ऑफिसर, सोनो
📌 जन विकास शक्ति संगठन
अब सवाल यह है – ये कब तक चलेगा?
सरकार दावा करती है कि मनरेगा में पारदर्शिता लाई गई है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां सिर्फ फर्जी हाजिरी की पारदर्शिता बढ़ी है! अधिकारी कागजों में योजनाओं को सफल दिखा रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि – मनरेगा का पैसा मजदूरों तक नहीं, बल्कि घोटालेबाजों की जेब तक पहुंच रहा है।
अब आप क्या कर सकते हैं?
👉 इस ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि यह घोटाला उजागर हो सके।
👉 अपने स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाएं और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाएं।
👉 सोशल मीडिया पर #मनरेगा_घोटाला ट्रेंड करवाएं ताकि अधिकारी इस पर ध्यान देने को मजबूर हों।
🔴 फर्जी हाजिरी का सबूत देखने के लिए यहां क्लिक करें:
(2) फर्जी हाजिरी लिंक (6 महिला और अन्य चार मजदुर दिख रहा है ? इस लिंक के फोटो में)
(3) फर्जी हाजिरी लिंक ( दस मजदुर है?)
🚨 अब चुप मत रहिए, इस खेल का पर्दाफाश कीजिए!
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें प्रस्तुत जानकारी विभिन्न स्रोतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संकलित की गई है। लेखक का उद्देश्य केवल मनरेगा योजना में संभावित अनियमितताओं को उजागर करना और पारदर्शिता की मांग करना है।
- यह ब्लॉग किसी भी व्यक्ति, संस्था या विभाग को बदनाम करने के लिए नहीं लिखा गया है।
- यदि किसी जानकारी में कोई त्रुटि या सुधार की आवश्यकता हो, तो संबंधित पक्ष लेखक से संपर्क कर सकता है।
- यह ब्लॉग किसी भी आधिकारिक जांच या कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है।
- पाठकों से अनुरोध है कि वे स्वयं जांच-पड़ताल करें और अपने निष्कर्ष निकालें।
लेखक किसी भी कानूनी विवाद या गलत व्याख्या के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
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