नमस्ते दोस्तों,
मैं प्रमोद पांडेय, बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की काला पंचायत से हूँ। आज मैं आपके साथ एक गंभीर मुद्दे को साझा करना चाहता हूँ, जो हमारे गाँव के बच्चों की सेहत से जुड़ा हुआ है। यह मुद्दा हमारे यहाँ के स्थानीय डॉक्टरों द्वारा दी जा रही एक दवा, SD-Cold-DS Suspension, से संबंधित है। यह दवा खासकर छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रही है, और इसके बारे में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
हमारे गाँव की स्थिति
काला पंचायत एक छोटा सा ग्रामीण इलाका है, जहाँ की आबादी लगभग 1,500-5,000 के आसपास है। यहाँ के लोग मुख्य रूप से खेती पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य सुविधाएँ यहाँ बहुत सीमित हैं। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर में है, जो यहाँ से 10 किलोमीटर दूर है। ऐसे में, गाँव वाले छोटी-मोटी बीमारियों के लिए स्थानीय डॉक्टरों पर ही निर्भर रहते हैं।
लेकिन हाल ही में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। हमारे गाँव के कुछ डॉक्टर छोटे बच्चों को SD-Cold-DS Suspension नामक दवा दे रहे हैं, जो 1.5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये डॉक्टर न तो आधिकारिक पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) दे रहे हैं और न ही दवा के साइड इफेक्ट्स के बारे में कोई जानकारी दे रहे हैं। वे केवल सादे सफेद कागज पर दवा का नाम लिखकर दे देते हैं, जो पूरी तरह से अनौपचारिक और गलत तरीका है।
SD-Cold-DS Suspension क्या है?
यह एक सिरप है, जिसमें निम्नलिखित तत्व होते हैं:
1. पैरासिटामोल (125 मिलीग्राम): बुखार और दर्द के लिए।
2. क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट (1 मिलीग्राम): एलर्जी और सर्दी के लिए।
3. फेनिलएफ्रिन एचसीएल (2.5 मिलीग्राम): नाक की जकड़न हटाने के लिए।
4. सोडियम साइट्रेट और मेन्थॉल: गले को राहत देने के लिए।
यह दवा सर्दी, बुखार, और नाक बहने जैसी समस्याओं के लिए दी जाती है। लेकिन इसमें मौजूद कुछ तत्व छोटे बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
1.5 साल के बच्चे के लिए यह दवा क्यों खतरनाक है?
1. क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट: यह एंटीहिस्टामाइन 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। इससे नींद, चिड़चिड़ापन, और साँस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
2. फेनिलएफ्रिन एचसीएल: यह डीकंजेस्टेंट 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं है। इससे दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी, और नींद न आने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
3. पैरासिटामोल: यह तत्व अकेले तो सुरक्षित है, लेकिन अन्य खतरनाक तत्वों के साथ मिलकर यह जोखिम भरा हो जाता है।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2 साल से कम उम्र के बच्चों को ऐसी कॉम्बिनेशन दवाएँ नहीं देनी चाहिए।
हमारे गाँव में स्थिति
काला पंचायत में साक्षरता दर केवल 51.20% है, जिसके कारण लोगों को दवाओं के साइड इफेक्ट्स की ज्यादा जानकारी नहीं है। यहाँ के ज्यादातर लोग स्थानीय डॉक्टरों पर भरोसा करते हैं, जो अक्सर ऐसी दवाएँ दे देते हैं जो बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं होतीं। मेरे पड़ोस में एक 1.5 साल के बच्चे को यह दवा दी गई थी, जिसके बाद उसे नींद न आने और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएँ हुईं। जब हमने एक बड़े डॉक्टर से संपर्क किया, तो उन्होंने तुरंत इस दवा को बंद करने की सलाह दी।
सबसे दुखद बात यह है कि यहाँ के डॉक्टर आधिकारिक पर्ची भी नहीं दे रहे हैं। वे केवल सादे सफेद कागज पर दवा का नाम लिखकर दे देते हैं, जो पूरी तरह से अनौपचारिक और गलत तरीका है। वे बिना यह समझाए कि इसे कैसे लेना है, कितनी मात्रा देनी है, या इसके साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं, दवा दे देते हैं।
मेरी अपील: इस दवा का उपयोग बंद करें
मैं अपने गाँव वालों से अपील करता हूँ कि कृपया SD-Cold-DS Suspension का उपयोग 1.5 साल या उससे छोटे बच्चों के लिए न करें। अगर आपके बच्चे को बुखार है, तो केवल पैरासिटामोल सिरप (जैसे Crocin 120 mg/5 ml) का उपयोग करें, और वह भी सही डोज़ में। सर्दी या नाक बहने के लिए नमक के पानी की बूँदें (सलाइन ड्रॉप्स) का उपयोग करें। अगर लक्षण ठीक न हों, तो तुरंत किसी अच्छे बच्चों के डॉक्टर से संपर्क करें।
साथ ही, मैं आपसे यह भी कहना चाहता हूँ कि अपने स्थानीय डॉक्टर से सवाल करें। उनसे आधिकारिक पर्ची माँगें और दवा के बारे में पूरी जानकारी लें। सादे सफेद कागज पर लिखी दवा को स्वीकार न करें।
सरकार से अनुरोध
मैं बिहार सरकार और भारत सरकार से अनुरोध करता हूँ कि:
1. ऐसी कॉम्बिनेशन दवाओं पर सख्त नियम बनाएँ।
2. ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएँ।
3. स्थानीय डॉक्टरों को प्रशिक्षण दें।
4. गाँवों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करें।
निष्कर्ष
हमारे गाँव में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या है। लेकिन हमें अपने बच्चों की सेहत के लिए जागरूक होना होगा। SD-Cold-DS Suspension जैसी दवाएँ हमारे छोटे बच्चों के लिए खतरा बन सकती हैं। साथ ही, डॉक्टरों का बिना पर्ची के दवा देना और जानकारी छुपाना भी एक गंभीर मुद्दा है।
अगर आपके पास इस बारे में कोई अनुभव या सुझाव है, तो कृपया कमेंट में बताएँ। साथ ही, इस ब्लॉग को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें।
धन्यवाद!
प्रमोद पांडेय
काला पंचायत, लक्ष्मीपुर प्रखंड, जमुई जिला, बिहार
डिस्क्लेमर:
इस ब्लॉग में व्यक्त विचार, अनुभव और जानकारी लेखक के निजी अनुसंधान और अनुभवों पर आधारित हैं। यह ब्लॉग केवल जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है और इसका मकसद किसी भी तरह की चिकित्सीय सलाह देना नहीं है।
इस ब्लॉग में दी गई जानकारी, विशेष रूप से SD-Cold-DS Suspension दवा और इसके प्रभावों के बारे में, सामान्य जागरूकता के लिए है। यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सीय सलाह, निदान, या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपके बच्चे या परिवार के किसी सदस्य को कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो कृपया किसी योग्य चिकित्सक या बाल रोग विशेषज्ञ (पेडियाट्रिशियन) से परामर्श करें। इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर कोई भी दवा शुरू करने, बदलने या बंद करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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