Monday, December 25, 2023

मुखिया रंधीर यादव ने आवास योजना के नाम पर ठगी की: गरीबों के लिए संकट


शीर्षक: मुखिया रंधीर यादव ने आवास योजना के नाम पर ठगी की: गरीबों के लिए संकट

संक्षिप्त:

लक्ष्मीपुर के काला पंचायत के मुखिया रंधीर यादव पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की मरम्मत के लिए आवंटित राशि का लाभ देने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगा है। लाभुकों का कहना है कि मुखिया ने उनसे पहली किस्त के बदले 2500 रुपए तक की वसूली कर ली।

विस्तृत:

लक्ष्मीपुर के काला पंचायत के कई लाभुकों ने मुखिया रंधीर यादव पर ठगी का आरोप लगाया है। लाभुकों का कहना है कि मुखिया ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की मरम्मत के लिए आवंटित राशि का लाभ दिलाने के नाम पर 2500 रुपए तक की वसूली कर ली।

लाभुकों में कबूतरी, जावा और जगिया शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मुखिया ने उन्हें योजना का लाभ देने के लिए कहा और राशि का भुगतान करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मुखिया को राशि देने से मना कर दिया तो उन्होंने उन्हें योजना का लाभ देने से मना कर दिया।

लाभुकों ने इस मामले की शिकायत प्रखंड प्रशासन से की है। प्रखंड प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुखिया रंधीर यादव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी लाभुक से रिश्वत नहीं मांगी है। उन्होंने कहा कि जो लाभुक योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, वे लोग गलत सूचना दे रहे हैं।

विस्तार:

यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को लाभ पहुंचाने के सरकारी प्रयासों को बदनाम करने वाला है। इस मामले में मुखिया पर लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

इस मामले में, मुखिया ने एक ऐसी योजना का लाभ उठाने की कोशिश की जो गरीब लोगों के लिए मददगार है। उन्होंने गरीबों को धोखे में डालकर उनसे पैसे वसूले। इससे गरीबों को दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ, उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, और दूसरी तरफ, उन्हें मुखिया को पैसे भी देने पड़े हैं।

यह मामला यह भी दिखाता है कि गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कितनी परेशानी होती है। उन्हें अक्सर अधिकारियों के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है।

सरकार को इस तरह के मामलों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए।

उदाहरण:

इस तरह के मामलों के कई उदाहरण हैं। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के एक गांव में एक प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों से रिश्वत मांगी थी। प्रधान ने लाभार्थियों से कहा था कि अगर वे रिश्वत नहीं देंगे तो उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इस तरह के मामलों को रोकने के लिए सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  • अधिकारियों की निगरानी बढ़ानी चाहिए।
  • अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • गरीबों को सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
  • गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होनी चाहिए।

इन कदमों से गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना आसान होगा और इस तरह के मामलों को रोका जा सकेगा।

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