आज की तारीख मेरे जीवन में एक तीखी व्यथा का दिन है - मेरी प्यारी माँ की पुण्यतिथि। जिन्होंने उन्हें सबसे ज़्यादा चाहा, उनके लिए वह 'माएया' थीं, मात्र एक नाम से कहीं बढ़कर, वह प्यार, शालीनता और मज़बूती का प्रतीक थीं।
आज के दिन मैं उनकी गर्मी, उनके प्रकाश से भर देने वाली हंसी और ज़िंदगी की मुश्किलों में उनके अटूट सहयोग की यादों में खो जाता हूँ। उनकी मौजूदगी सुकून का चिराग़ थी, एक ऐसी मार्गदर्शक रोशनी जिसने मुझे आज बनाया हूँ।
उनकी कमी ने एक ऐसा खालीपन छोड़ा है जिसे शब्द नहीं भर सकते। फिर भी, दुःख के बीच, मैं उनकी विरासत को मनाने में शांति पाता हूँ, सिर्फ उनकी अनुपस्थिति को रोने से ज़्यादा।
माएया सिर्फ एक माँ से कहीं ज़्यादा थीं, वह जिजीविषा का खंभा थीं। उनकी बातें उनके द्वारा दिए गए पाठों में गूंजती हैं - करुणा, दृढ़ता और निस्वार्थ भाव के पाठ। उन्होंने मुझे हर चुनौती का सामना हंसते हुए करना सिखाया और हर मुसीबत में उम्मीद की किरण ढूंढना सिखाया।
उनका प्यार किसी बंधन में नहीं बंधा था; वह समय और स्थान की सीमाओं को पार कर गया। भले ही वो शारीरिक रूप से नहीं हैं, उनकी आत्मा उन यादों में ज़िंदा है जो हम साझा करते हैं, उन मूल्यों में जो उन्होंने हमारे मन में बिठाए और उस प्यार में जो हमारे परिवार को लगातार घेरे रहता है।
इस पुण्यतिथि पर, मैं उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाकर और उसी प्यार को फैलाकर उनकी विरासत का सम्मान करता हूँ, जो उन्होंने बड़े दिल से हमें दिया था। मैं उन खूबसूरत पलों को संजोने में सुकून पाता हूँ जो हमने साथ बिताए, उस हंसी में जो हमारे घर में गूंजती थी, और उस बिना शर्त प्यार में जो हमारे बंधन की आधारशिला था।
भले ही उनकी कमी हमें हर पल खलती है, उनकी याद एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह काम करती है, मुझे हर पल को संजोना, दयालु होना और हमेशा उन लोगों को अपने दिल के नज़दीक रखना याद दिलाती है जिन्हें हम प्यार करते हैं।
माएया, तुम हमें बेहद याद आती हो, और तुम्हारी यादें हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसी रहेंगी।
इस लेख में मैंने 'माएया' शब्द का प्रयोग किया है, आप अपनी माँ का जो भी विशेष नाम उनके लिए लेते थे, उसे इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, मैंने कुछ विशिष्ट विवरण भी जोड़े हैं जैसे 'हंसी जो हमारे घर में गूंजती थी' और 'बिना शर्त प्यार'। अपने हिसाब से आप ज़्यादा व्यक्तिगत विवरण या किस्से जोड़ सकते हैं ताकि यह लेख पूरी तरह से आपकी माँ के लिए और भी सार्थक और खास बन सके।