Saturday, May 31, 2025

लक्ष्मीपुर खेलार (खिलाड़) (जमुई, बिहार) में मनरेगा का बड़ा घोटाला!


📌 खिलर पंचायत, जमुई, बिहार में MGNREGA सामाजिक अंकेक्षण 2023-24 की वित्तीय अनियमितताओं का विश्लेषण

विशेष खबर:
जमुई जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक की खेलार (खिलाड़) पंचायत में मनरेगा (MGNREGA) के तहत हुए कामकाज का हिसाब-किताब गायब है।


2023-24 की सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया:

पंचायत ने ₹0 खर्च बताया, जबकि ऑडिट में ₹1,02,73,582.08 खर्च दर्ज हुआ।

यह 100% विसंगति घोटाले की बड़ी आशंका पैदा करती है।


⚠️ खेलार (खिलाड़) पंचायत का चौंकाने वाला सच:

  • 💰 कुल खर्च: ₹1,02,73,582.08
    • मजदूरी: ₹73,05,698
    • सामग्री: ₹29,67,884.08
  • 🧾 पंचायत ने दावा किया: ₹0 खर्च
  • 📂 FTOs (पैसे भेजने का रिकॉर्ड): उपलब्ध नहीं
  • 🚫 10 बड़ी गड़बड़ियाँ, सभी अब तक लंबित

प्रमुख अनियमितताएँ:

🔴 वित्तीय विचलन:

  • ₹1.03 करोड़ खर्च का कोई रिकॉर्ड नहीं

🔴 प्रक्रियागत उल्लंघन:

  • काम की मांग दर्ज करने का मौका नहीं मिला
  • वॉल राइटिंग/सूचना बोर्ड नदारद
  • सामाजिक अंकेक्षण नियमित नहीं
  • 15 मजदूरों के पास जॉब कार्ड नहीं
  • पे-स्लिप्स नहीं मिलीं
  • शिकायत रजिस्टर, संपत्ति रजिस्टर गायब
  • मनरेगा जागरूकता बेहद कम

🔴 शिकायतें:

  • मजदूरी पर्चियों की अनुपलब्धता
  • ग्राम सभा की जानकारी बहुत कम

🧾 ऑडिट रिपोर्ट: कितनी पारदर्शिता, कितनी लापरवाही?

  • 📅 ऑडिट अवधि: 17-21 मार्च 2025
  • 👥 ग्राम सभा: 22 मार्च 2025 – मात्र 62 मजदूरों की भागीदारी (900 परिवारों में से)
  • 💸 ऑडिट पर खर्च दिखाया गया: ₹0
  • 🔍 सत्यापन:
    • कार्य: 11/172 (6.4%)
    • परिवार: 447/900 (49.7%)
    • इतने कम सैंपल में ही ₹1.03 करोड़ की गड़बड़ी उजागर!

👷‍♂️ मजदूरों की हालत:

  • काम माँगने पर भी नहीं मिला
  • जॉब कार्ड तो हैं, लेकिन अपडेट नहीं
  • 7 जरूरी रजिस्टर पंचायत में नहीं मिले
  • शिकायत की कोई प्रक्रिया नहीं
  • ग्राम सभा में मजदूरों की बात नहीं सुनी गई

🟢 कुछ सकारात्मक पहलू:

  • कार्यस्थल पर पीने का पानी, छाया और प्राथमिक इलाज
  • सूचना बोर्ड लगे थे
  • मनरेगा स्टाफ और तकनीकी सहायक तैनात

❗ लेकिन ये छोटी बातें ₹1.03 करोड़ की गड़बड़ी के सामने बहुत छोटी हैं।


सवाल जो उठते हैं:

  • ₹1.03 करोड़ कहाँ गया?
  • जिम्मेदारी कौन लेगा?
  • क्या ये जानबूझकर किया गया घोटाला है?
  • FTO छुपाना किसकी जिम्मेदारी है?

📢 सरकार से माँग – जनता से अपील:

🔴 जमुई जिला प्रशासन से माँग:

  1. फोरेंसिक ऑडिट किया जाए
  2. FTOs सार्वजनिक किए जाएँ
  3. दोषियों पर FIR व निलंबन हो
  4. मजदूरों को पेस्लिप्स, काम और जॉब कार्ड मिले
  5. ग्राम सभा में भागीदारी बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाए

🟢 हमारी अपील – जनता से:

ग्राम सभा में शामिल हों
दीवार लेखन और सूचना बोर्ड देखें
पंचायत से सवाल पूछें
यह पैसा आपका है – हक भी आपका है


📌 निष्कर्ष: एक पंचायत की कहानी, पूरे राज्य की चेतावनी

खिलर पंचायत में ₹1.03 करोड़ का घोटाला सिर्फ एक उदाहरण नहीं,
यह पूरे सिस्टम की असफलता का प्रतीक है।
अगर आज हम चुप रहे, तो कल हर गाँव का यही हाल होगा।


अस्वीकरण (Disclaimer)..
यह लेख केवल सूचना हेतु प्रस्तुत किया गया है। इसमें दी गई सभी जानकारियाँ मैंने मनरेगा (NREGA) की आधिकारिक वेबसाइटों से संकलित की हैं। कृपया किसी भी निर्णय से पूर्व संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। यहां प्रस्तुत आंकड़ों या तथ्यों में त्रुटि की संभावना हो सकती है, जिसके लिए मैं उत्तरदायी नहीं हूँ।

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