📌 खिलर पंचायत, जमुई, बिहार में MGNREGA सामाजिक अंकेक्षण 2023-24 की वित्तीय अनियमितताओं का विश्लेषण
विशेष खबर:
जमुई जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक की खेलार (खिलाड़) पंचायत में मनरेगा (MGNREGA) के तहत हुए कामकाज का हिसाब-किताब गायब है।
2023-24 की सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया:
पंचायत ने ₹0 खर्च बताया, जबकि ऑडिट में ₹1,02,73,582.08 खर्च दर्ज हुआ।
यह 100% विसंगति घोटाले की बड़ी आशंका पैदा करती है।
⚠️ खेलार (खिलाड़) पंचायत का चौंकाने वाला सच:
- 💰 कुल खर्च: ₹1,02,73,582.08
- मजदूरी: ₹73,05,698
- सामग्री: ₹29,67,884.08
- 🧾 पंचायत ने दावा किया: ₹0 खर्च
- 📂 FTOs (पैसे भेजने का रिकॉर्ड): उपलब्ध नहीं
- 🚫 10 बड़ी गड़बड़ियाँ, सभी अब तक लंबित
❌ प्रमुख अनियमितताएँ:
🔴 वित्तीय विचलन:
- ₹1.03 करोड़ खर्च का कोई रिकॉर्ड नहीं
🔴 प्रक्रियागत उल्लंघन:
- काम की मांग दर्ज करने का मौका नहीं मिला
- वॉल राइटिंग/सूचना बोर्ड नदारद
- सामाजिक अंकेक्षण नियमित नहीं
- 15 मजदूरों के पास जॉब कार्ड नहीं
- पे-स्लिप्स नहीं मिलीं
- शिकायत रजिस्टर, संपत्ति रजिस्टर गायब
- मनरेगा जागरूकता बेहद कम
🔴 शिकायतें:
- मजदूरी पर्चियों की अनुपलब्धता
- ग्राम सभा की जानकारी बहुत कम
🧾 ऑडिट रिपोर्ट: कितनी पारदर्शिता, कितनी लापरवाही?
- 📅 ऑडिट अवधि: 17-21 मार्च 2025
- 👥 ग्राम सभा: 22 मार्च 2025 – मात्र 62 मजदूरों की भागीदारी (900 परिवारों में से)
- 💸 ऑडिट पर खर्च दिखाया गया: ₹0
- 🔍 सत्यापन:
- कार्य: 11/172 (6.4%)
- परिवार: 447/900 (49.7%)
- इतने कम सैंपल में ही ₹1.03 करोड़ की गड़बड़ी उजागर!
👷♂️ मजदूरों की हालत:
- काम माँगने पर भी नहीं मिला
- जॉब कार्ड तो हैं, लेकिन अपडेट नहीं
- 7 जरूरी रजिस्टर पंचायत में नहीं मिले
- शिकायत की कोई प्रक्रिया नहीं
- ग्राम सभा में मजदूरों की बात नहीं सुनी गई
🟢 कुछ सकारात्मक पहलू:
- कार्यस्थल पर पीने का पानी, छाया और प्राथमिक इलाज
- सूचना बोर्ड लगे थे
- मनरेगा स्टाफ और तकनीकी सहायक तैनात
❗ लेकिन ये छोटी बातें ₹1.03 करोड़ की गड़बड़ी के सामने बहुत छोटी हैं।
❓ सवाल जो उठते हैं:
- ₹1.03 करोड़ कहाँ गया?
- जिम्मेदारी कौन लेगा?
- क्या ये जानबूझकर किया गया घोटाला है?
- FTO छुपाना किसकी जिम्मेदारी है?
📢 सरकार से माँग – जनता से अपील:
🔴 जमुई जिला प्रशासन से माँग:
- फोरेंसिक ऑडिट किया जाए
- FTOs सार्वजनिक किए जाएँ
- दोषियों पर FIR व निलंबन हो
- मजदूरों को पेस्लिप्स, काम और जॉब कार्ड मिले
- ग्राम सभा में भागीदारी बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाए
🟢 हमारी अपील – जनता से:
ग्राम सभा में शामिल हों
दीवार लेखन और सूचना बोर्ड देखें
पंचायत से सवाल पूछें
यह पैसा आपका है – हक भी आपका है
📌 निष्कर्ष: एक पंचायत की कहानी, पूरे राज्य की चेतावनी
खिलर पंचायत में ₹1.03 करोड़ का घोटाला सिर्फ एक उदाहरण नहीं,
यह पूरे सिस्टम की असफलता का प्रतीक है।
अगर आज हम चुप रहे, तो कल हर गाँव का यही हाल होगा।